Saturday, January 14, 2017

पुलिस गिरफ्त में आये सेक्स रैकेट के ग्रुप, लूटते थे मोटी रकम, NRI महिला भी शामिल !!

पुलिस गिरफ्त में आये सेक्स रैकेट के ग्रुप, लूटते थे मोटी रकम, NRI महिला भी शामिल!!

जयपुर : राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो रईसजादों को खूबसूरत महिलाओं के जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम ऐंठता था । इस रैकेट में एक 26 साल की एनआरआई महिला भी शामिल है । वहीं सेक्स रैकेट में पुलिस अधिकारी, पत्रकार और वकील भी शामिल हैं । सेक्स रैकेट के खुलासे के बाद कई पीड़ित रईसजादे अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे ।

सेक्स रैकेट और ब्लैकमेलिंग का ऐसा गिरोह, जिसके काम करने के तरीके सुनने के बाद लोगों के लिए यकीन करना मुश्किल है कि यह कोई सेक्स रैकेट है या फिर कोई इंडस्ट्री । इस रैकेट में हर तरह के पेशे से जुड़े लोगों को अलग-अलग काम बांटे गए थे । रैकेट की पहली कड़ी लड़कियां होती थी । दरअसल गिरफ्त में आई एनआरआई महिला रवनीत कौर उर्फ रूबी शर्मा और देहरादून की रहने वाली कल्पना इस रैकेट की धोखेबाज हसीनाएं थी।


पुलिस गिरफ्त में आये सेक्स रैकेट के ग्रुप, लूटते थे मोटी रकम, NRI महिला भी शामिल!!

रूबी और कल्पना की मदद से ही यह गिरोह डॉक्टर, बिल्डर, होटल मालिक और चार्टेड अकाउंटेंट जैसे हाई-प्रोफाइल लोगों को फंसाता था । राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गुरुवार को रवनीत कौर और कल्पना को गिरफ्तार किया । पुलिस ने रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि एनआरआई रूबी शर्मा 6 साल पहले भारत आई थी । रूबी के पिता हांगकांग में काम करते है । कोटा के एक कोचिंग सेंटर में काम करने वाली रूबी जयपुर की एक नामी यूनिवर्सिटी से एमबीए करने के बाद नौकरी की तलाश के दौरान ब्लैकमेलिंग के इस गिरोह में शामिल हो गई थी । रूबी और कल्पना पहले तो हाई-प्रोफाइल लोगों से दोस्ती बढ़ाती थी ।

5 स्टार होटल में बुलाकर बुनते थे फरेब का जाल..!!


फिर उन्हें 5 स्टार होटलों में बुलाकर झूठे रेप केस में फंसा देने की धमकी देकर पैसे ऐंठती थी । इस काम में गिरोह के दूसरे सदस्य उनकी मदद करते थे । 

पुलिस की माने तो गिरोह के सदस्यों ने अभी तक दर्जनों लोगों को ब्लैकमेल कर 25 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बनाई है । पुलिस के अनुसार, कुछ साल पहले रूबी शादी करके कोटा चली गई थी, जिसके बाद गिरोह ने देहरादून की रहने वाली कल्पना को इस काम में लगा दिया था । एसओजी ने कल्पना को देहरादून से गिरफ्तार किया है । पुलिस ने खुलासा किया कि गिरोह के सदस्य खासकर उन रईसजादों को अपना शिकार चुनते थे, जो अपने परिवार से काफी प्यार करते थे ।

रकम ऐंठने के बाद मौज-मस्ती करने जाते थे विदेश..!!

ऐसे लोगों को ढूंढने का काम गिरोह के सदस्य अक्षत और आनंद शांडिल्य करते थे । हर शिकार से पैसे ऐंठने के बाद यह लोग मौज-मस्ती करने विदेश जाते थे । पुलिस के अनुसार, यह अपने हर शिकार से एक से डेढ़ करोड़ रुपए से कम नहीं लेते थे । इस गिरोह ने कई पुलिस थानों के एसएचओ को भी अपने साथ मिला रखा था । आरोपी पुलिस अधिकारी पूरे फिल्मी अंदाज में गिरोह में शामिल महिलाओं पर मामला दर्ज करवाने के लिए दबाव डालते थे, और फिर बिचौलियों की मदद से उनसे मोटी रकम ऐंठ ली जाती थी । रकम लेने के बाद महिला पीड़ित व्यक्ति को बकायदा स्टम्प पेपर पर लिख कर देती थी, कि जो कुछ भी हुआ है उसकी मर्जी से हुआ है और वह किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं करना चाहती है ।

डॉक्टर ने जेल जाने से पहले किया था रैकेट का भंडाफोड़..!!

जिन पीड़ितों के पास इनको देने के लिए पैसे नहीं होते थे, उन्हें यह लोग रेप के झूठे केस में फंसा देते थे । हाल ही में गिरोह की एक अन्य सदस्य ने एक डॉक्टर को अपने जाल में फंसाया था । जिसके बाद आरोपियों ने डॉक्टर से डेढ़ करोड़ रुपये की मांग की मगर डॉक्टर 80 लाख रुपये से ज्यादा नहीं दे पाया । आरोपियों ने डॉक्टर के खिलाफ बलात्कार का झूठा मामला दर्ज करवा दिया । मगर जेल जाने से पहले डॉक्टर ने इनके गैंग का पर्दाफाश कर दिया । एसओजी ने बीते 24 दिसंबर को गैंग के कुछ सदस्यों को जयपुर से गिरफ्तार किया था ।

पुलिस के सामने तो पहुंचे मगर मीडिया के सामने नहीं..!!

जिसके बाद ब्लैकमेलिंग और सेक्स रैकेट की घिनौनी परतें खुलती चली गई । रैकेट का भंडाफोड़ होने की खबर मिलते ही कई नामी-अनामी लोग पुलिस के पास पहुंचे, लेकिन इज्जत की खातिर वह लोग मीडिया के सामने नहीं आ रहे हैं । पुलिस ने सभी पीड़ितों का नाम गोपनीय रखने का फैसला किया है ।

 पुलिस अधिकारियों की मानें तो यह गैंग राजस्थान के साथ-साथ दिल्ली, गुजरात और मध्यप्रदेश में भी सक्रिय था । पुलिस गैंग के 9 अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है, जिनमें 5 लड़कियां भी शामिल हैं । फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर गैंग में शामिल पुलिस अधिकारियों के बारे में भी पड़ताल कर रही है । आला अधिकारियों की मानें तो जल्द इस मामले में कई खाकी वर्दी वाले भी जेल भेजे जाएंगे ।

ब्लैकमेलर निकली 'पीड़िता', फर्जी थी गैंगरेप की कहानी..!!

जयपुर में सरेराह अगवा कर एक युवती के साथ गैंगरेप की जिस घटना ने समूचे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया था, दरअसल वो घटना पीड़ित कही जाने वाली युवती के ब्लैकमेलिंग प्लान का हिस्सा था । जयपुर में हाल ही में पकड़े गए एक सेक्स रैकेट के खुलासे से आइडिया लेकर युवती और उसके दोस्त ने गैंगरेप और फिर ब्लैकमेलिंग की पूरी साजिश रची थी ।

पुलिस के मुताबिक, युवती ने ऋषिराज नाम के लड़के के साथ मिलकर उसके अमीर दोस्त संदीप लांबा को फंसाने की साजिश रची थी ।  युवती ने ऋषिराज के साथ मिलकर दो प्लान बनाए थे । पहला यह कि बलात्कार के नाम पर सरकार से मुआवजा लेंगे और फिर जब मामला कोर्ट में जाएगा तब मोटी रकम लेकर समझौता कर लेंगे । 

जयपुर के पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने बताया कि छानबीन के दौरान पुलिस को युवती के घर से 15 सिम कार्ड बरामद हुए हैं । संजय अग्रवाल के अनुसार आरोपी युवती पहले भी कई लोगों को फंसाने की कोशिश कर चुकी है । 

यहाँ तक कि मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे इस केस की मॉनिटरिंग कर रही थी । (इंडिया टुडे)

तो आपने देखा कैसे अमीरों और सुप्रसिद्ध हस्तियों को अपने जाल में फँसाकर करोड़ों रूपये एठते है और नही देने पर उन पर झूठे आरोप लगा जेल भेजते हैं।

जो निर्दोष जेल जाता है उसकी प्रतिष्ठा व समाज में जीवन भर जो उसे लज्जित होना पड़ता है उसकी भरपाई कौन करेंगे ?
कौन उसका खोया सन्मान लौटा पायेगा?

कुछ समय पहले ऐसे ही द्वारका गुजरात के केशवानंदजी और  दक्षिण भारत के नित्यानंद जी पर बलात्कार का आरोप लगाया था बाद में निर्दोष बरी हुए अब संत आसारामजी बापू को भी तीन साल से जेल में रखा है उन पर भी अभी तक एक भी आरोप सिद्ध नही हुआ है । 

कहीं ये केस भी फर्जी तो नही है..???

ऐसे फर्जी केस करने वालों पर सरकार एवं न्यायालय को शीघ्र कार्यवाही करनी चाहिए जिससे निर्दोष की जिंदगी खराब न हो ।

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