Friday, February 17, 2017

चर्च के ईसाई पादरी करते हैं बच्चों का यौनशोषण, मध्यप्रदेश की महिला का किया बलात्कार

 चर्च के ईसाई पादरी करते हैं बच्चों का यौनशोषण, मध्यप्रदेश की महिला का किया बलात्कार

ईसाई पादरियों का पहले से ही असली चेहरा सामने आ चुका है भले ही प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नही बताये लेकिन सोशल मीडिया के जरिये कई जगह का हुआ पर्दाफाश!!

जहाँ चर्च के पादरी महिलाओं का एवं बच्चे-बच्चियों का बलात्कार करते हुए पकड़े गए । भले वेटिंकन सिटी के प्रभाव से उन पर सरकार या कानूनी कार्यवाही नहीं होती हो लेकिन अब पब्लिक जान चुकी है कि धर्म की आड़ में कई ईसाई पादरी कुकर्म करते हैं ।

ऐसे ही चर्च के पादरी द्वारा एक #आदिवासी #महिला के #बलात्कार का मामला सामने आया है। घटना मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के कानापुर की है। पादरी पर आरोप है कि, उसने शौच के लिए घर से बाहर निकली विवाहित आदिवासी महिला का बलात्कार किया। महिला ने रविवार को पुलिस में पादरी के खिलाफ मामला दर्ज कराया। घटना के बाद से ही #पादरी फरार है।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और SC-ST ऐक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
The pastor of the church sexually abused the  children, raped a woman in Madhya Pradesh

उन्होंने पीड़िता की शिकायत के हवाले से बताया कि, गत शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि को पीड़िता घर से बाहर निकली थी, तभी पादरी वहां आया और जबरदस्ती उसे अपने कमरे में ले गया और उसके साथ #दुष्कर्म किया। महिला के शोर मचाने पर परिजन और आसपास के ग्रामीणों के जमा होने पर पादरी मोटरसाईकल से महाराष्ट्र की ओर भाग निकला।

महिला का शासकीय जवाहरलाल नेहरू जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है। आरोपी की खोज में पुलिस दल को अलग-अलग स्थानों पर भेजा जा रहा है। (स्त्रोत :हिन्दू जन जागृति - 14 फरवरी)

आस्ट्रेलियाई चर्च ने भरा 21.20 करोड़ डॉलर का मुआवजा!!

आपको बता दें कि अभी हाल ही में आस्ट्रेलिया की #कैथोलिक चर्च ने सेक्शुअल अब्यूज के मामले में करीब 21 करोड़ 20 लाख 90 हजार #अमेरिकी डॉलर (1426 करोड़ रुपए) का हर्जाना दिया है। 

पिछले 35 साल के दौरान #सेक्शुअल अब्यूज का शिकार हुए हजारों बच्चों को मुआवजे, इलाज और अन्य खर्च के तौर पर ये रकम दी गई है। संस्थागत उत्पीड़न को लेकर हुई जांच की जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

क्या रहा रॉयल कमीशन का अनुभव!!

- सरकार द्वारा बनाए गए रॉयल कमीशन की ओर से बैरिस्टर गैल फर्नेस ने कहा कि कथित उत्पीड़न और चर्च के खिलाफ किए गए दावे के बीच जांच में करीब 33 साल का वक्त लग गया।

- फर्नेस ने कहा, "रॉयल कमीशन का अनुभव है कि कई पीड़ितों को मुश्किलों को सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्होंने प्रशासन और संस्थाओं से उत्पीड़न की शिकायत नहीं की।"

-  #रॉयल_कमीशन #ऑस्ट्रेलिया के सबसे शक्तिशाली जांच आयोग में से है। इस आयोग का गठन 2013 में किया गया था, जो धार्मिक, सरकारी और खेल #संगठनों समेत कई संस्थाओं में बाल यौन उत्पीड़न की जांच कर रहा है।

- रिपोर्ट के मुताबिक, साल 1980 से 2015 के बीच हुए 4445 #बाल #यौन_उत्पीड़न के दावों में से 3066 मामलों में मुआवजे और अन्य भुगतान किए गए। पुरुषों ने 40 फीसदी से ज्यादा दावे हासिल किए। 

 #चर्च की आड़ में चल रहे #यौन #शोषण के हजारों मामले सामने आ चुके हैं । 

सन् 2002 में #आयरलैंड के #पादरियों के यौन-शोषण के अपराधों के कारण 12 करोड़ 80 लाख डॉलर का दंड चुकाना पड़ा । 

मई 2009 में प्रकाशित #रॉयन #रिपोर्ट के अनुसार 30,000 बच्चों को इन संस्थाओं में ईसाई ननों और पादरियों द्वारा प्रताड़ित और उनका शोषण किया जाता रहा ।

फिलॉसफर नित्शे ने कहा था कि मैं ईसाई धर्म को एक अभिशाप मानता हूँ, उसमें आंतरिक विकृति की पराकाष्ठा है । वह द्वेषभाव से भरपूर वृत्ति है । इस भयंकर विष का कोई मारण नहीं । #ईसाईत गुलाम, क्षुद्र और चांडाल का पंथ है । 

ऐसे #कुकर्म करने वाले चर्च के #पादरी हिंदुओं को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करवाते है जो खुद पतित है वो दूसरों को क्या सन्मार्ग पर लेकर जायेगे..??

इनके मार्ग ( #धर्मपरिवर्तन ) में जो आड़े आते है उनको मीडिया द्वारा बदनाम करवा दिया जाता है । जिससे समाज सच्चाई से अनभिज्ञ रहें । 

अतः #हिन्दू सावधान रहें विदेशी प्रभाव से चलने वाली #मीडिया से और #ईसाई_पादरियों से । अपने धर्म में मरना भी श्रेष्ठ है दूसरों का धर्म भयावह है ।


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