Saturday, August 19, 2017

उत्तर प्रदेश में मदरसों का पोर्टल लॉन्च, अब नहीं होगा गोरखधंधा

19 Aug 2017

🚩उत्तर प्रदेश में जबसे योगी #सरकार आई है तब से सुचारु रूप से कार्य हो रहा है, पहले जो राज्य में #गुंडागर्दी होती थी, महिलाएं अपने को सुरक्षित नही मानती थी, #अवैध बूचड़खाने चल रहे थे, #किसानों का #शोषण हो रहा था और मदरसों में बच्चों की  सही पढ़ाई नही हो रही थी उन सब पर नकेल डाल दी है और अब #उत्तर प्रदेश #विकास की ओर बढ़ रहा है। #हिन्दू-मुस्लिम एवं #सभी धर्म के #समुदाय खुद को #सुरक्षित महसूस कर रहे है ।
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🚩योगी सरकार ने मदरसों में #स्वतंत्रता दिवस पर #तिरंगा फहराने का #आदेश दिया था। साथ ही पूरे कार्यक्रम की वीडियोग्राफी करने का भी आदेश दिया था। सरकार के इस कदम का #मुस्लिम संगठनों की आेर से #विरोध भी किया गया था। इसके बाद शुक्रवार को योगी सरकार ने मदरसों पर सख्‍ती के लिए नया आदेश जारी किया। इसके अनुसार प्रदेश में संचालित होनेवाले सभी मदरसे ऑनलाइन किये जायेंगे। 

🚩अल्पसंख्यक कल्याण एवं मुस्लिम वक्फ मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि पहले की सरकारें मदरसों का उपयोग शिक्षा के लिए कम राजनीति के लिए ज्यादा करती थी। मदरसे सिर्फ #तुष्टीकरण के लिए #इस्तेमाल होते थे। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि मदरसों में दी जाने वालीे शिक्षा को भी रोजगारपरक बनाया जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए #मदरसा पोर्टल madarsa board.upsdc.gov.in लॉन्च किया जा रहा है। मदरसा पोर्टल लॉन्च होने से इनके क्रियाकलापों में पारदर्शिता आएगी। 

🚩कहा जा रहा है कि प्रदेश में सरकार बदलने के बाद से ही शिकायत मिल रही थी कि मदरसो में शिक्षकों व कर्मचारियों का शोषण होता है। 

🚩फर्जीवाड़े व धांधली की भी शिकायतें थी। यह भी कहा जा रहा था कि यहां फर्जी तरीके से कई नियुक्तियां की गई। जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं है, कहीं-कहीं तो 80-80 साल के शिक्षक पढ़ा रहे हैं। इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए सरकार ने #पोर्टल लॉन्च किया है। 

🚩अब मदरसों के सभी काम ऑनलाइन हो जाएंगे और पारदर्शी व्यवस्था की शुरूआत होगी। मदरसा शिक्षा परिषद की 2018 में होने वाली परीक्षा भी पोर्टल से ही सम्पन्न होगी।


🚩आपको बता दें कि #जाकिर नाईक ने कई मदरसे खोले थे उन मदरसों में #कट्टरता की #ट्रेनिंग देता था ।

🚩पाकिस्तान में #जिहाद में झोंके जाने वाले बच्चे गरीब घरों के, मदरसों से निकले बच्चे हैं। इनकी #शिक्षा पद्धति ही इन्‍हें #आतंकवाद के रास्ते पर प्रेरित करती है।

🚩कुछ समय पहले केंद्रीय #गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट भेजी है जिसमें कहा गया था कि कश्मीर में #मस्जिदों, #मदरसों और #मीडिया पर #नियंत्रण रखना होगा ।


🚩शिवसेना ने भी कहा है कि देश के मदरसों में उर्दू और अरबी की पढ़ाई बंद की जानी चाहिए और उनकी जगह हिंदी को लाया जाना चाहिए।


🚩फ़्रांस ने तो कई मस्जिदें बन्द कर दी वहाँ के गृहमंत्री बर्नार्ड कैजनूव ने कहा था कि  “फ्रांस में मस्जिदों या प्रेयर हॉल में नफरत भड़काने वाली शिक्षा दी जाती है, इसलिए मस्जिदों को बंद कर दिया है,  इन मस्जिदों में धार्मिक विचारों के प्रचार के नाम पर कट्टरवादी(देश विरोधी)शिक्षा दी जाती थी । कई मस्जिदों पर छापे के दौरान जेहादी दस्तावेज बरामद किए गए थे । इन मस्जिदों में सऊदी अरब से फंडिग होती थी ।

🚩फ़्रांस ने तो समझ लिया कि देश को तोड़ने के लिये विदेशी फण्ड से चलने वाली मस्जिदों में आतंकवादी बनने की ट्रेंनिग दी जाती है और देश विरोधी बातें सिखाई जाती हैं ।

🚩देश में हिन्दुओं पर मुस्लिमों के बढ़ते आतंक की हालत देखकर #भारत सरकार को #फ्रांस से #सीख लेनी चाहिए #मुस्लिमों की #बढ़ती संख्या पर नियंत्रण करना चाहिये ।

🚩आज लव #जिहाद के लिए #विदेश से #पैसा आता है और #आतंकवादी संगठनों में जो #मुस्लिम युवक- युवतियां भर्ती होने जाते हैं उसका कारण मदरसों में दी जा रही #कट्टरपंथी शिक्षा ही है ।

🚩देश को बाहरी आतंकवादियों से इतना खतरा नही जितना इन जिहादियों से है इसलिए सरकार को जांच करवानी चाहिए कि विदेशी फंड से जितनी भी मस्जिदें चल रही हैं उसमें जो #देश विरोधी बातें #सिखाई जाती हैं ऐसे #मदरसों और #मस्जिदों को #बंद कर देना चाहिए जिससे देश #सुरक्षित रहे और #सुख शांति बनी रहे ।

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