Tuesday, September 5, 2017

संजय राउत ने बोला संत मुक्त भारत होना चाहिए, जनता बोली संत नही नेता मुक्त होना चाहिए

अगस्त 5, 2017
मीडिया में अभी हिन्दू साधु-संतों के खिलाफ खूब जहर उगला जा रहा है जैसे कि सबसे बड़े अपराधी साधु-संत ही हैं लेकिन अगर हिन्दू थोड़ा भी विचार करेगा तो पता चलेगा कि यह केवल विदेशी ताकतों द्वारा बदनाम करने का एक षड़यंत्र है जिसमें कई राजनैतिक पार्टियां भी शामिल हैं ।
भारत भूमि ऋषि-मुनियों, साधु-संतों की भूमि रही है और विदेशी ताकतें समझ रही हैं कि अगर भारतवासियों की नाभि में छेद करो तो तुरतं काम हो जायेगा, अधिकतर भारतवासियों की आस्था किसी न किसी साधु-संत में होती है क्योंकि वहीं हमें भारतीय संस्कृति का ज्ञान देते हैं और हमें अच्छे रास्ते चलने की प्रेरणा देते हैं जिससे विदेशी कंपनियों का प्रोडक्ट बिकता नही है और ईसाई मिशनरियां एवं मौलवी आसानी से धर्मान्तरण करवा नही पाते है इसलिए हिन्दू साधु-संतों को मीडिया द्वारा बदनाम करवाते है।
जैसा कि हमनें पहले भी बताया है कि अधिकतर मीडिया के मालिक विदेश के हैं, फिर सेक्युलर नेता भी टीआरपी के लिए उनके खिलाफ बयान बाजी करने लगते हैं ।
controversial stament of sanjay raut

ऐसे ही शिवसेना के सामना अखबार में सांसद संजय राउत का लेख आया था कि भारत साधु-संत,महाराज मुक्त होना चाहिए जिसकी सोशल मीडिया पर लोगो ने कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि...



भारत साधु-संतों की भूमि है, तुम्हारे जैसे भ्रष्ट नेताओं से मुक्त भारत होना चाहिए तभी भारत विकास कर पायेगा, नेता भारत की संपत्ति हड़प लेते हैं और दोष संतो को देते हैं, आगे बोला कि हिम्मत है तो मौलवी या पादरी मुक्त भारत बोलकर दिखाओ ।
संजय राउत ने पहली बार टिप्पणी नही की है उससे पहले भी की थी तो जैन मुनि आचार्य सूर्य सागर ने चेतावनी भी दी थी उनको ।
आइये जानते है क्या कहा था आचार्य जी ने...
तंबाकू गुटखा सेवन करके कैमरे के सामने आकर बड़बड़ाहट और अपनी खुजली से अपनी जुबान को शांत करने वाला संजय राउत मैं तुझे इतनी बात कहना चाहता हूँ कि तूने किस आधार से एक जैन मुनि को जोकर कहा ?
जोकर तो तुम ही नजर आते हो ।
हम लोग आप जैसे छिछोरे लोगों की बातों को सुनकर के चुपचाप से बैठ जाए ऐसे नहीं हैं, तुम्हें निष्काषित करने के लिए सामर्थ्य हम रखते हैं ।
बौखलाहट नजर आ रही है। पिछली बार नगर पालिका के चुनावों में आप लोग हार गए और आगे भी तुम लोगों का नामोनिशान मिट जाने वाला है, शवसेना होने वाली है, तुम्हारी शिवसेना नही रहेगी।
तुमने कहा, साधु होकर ये साधु तो मुझे साधु नजर नहीं आता,
तेरे लाइसेंस और तेरे प्रमाणिक करने से साधु साधु हो जाएगा?
मुझे तो तेरे में ही कोई गुण नजर नहीं आता है,पूरे के पूरे अवगुण भरे नजर आते हैं,कौनसा ऐसा धर्म का कार्य आज तक आपकी शिवसेना के द्वारा हुआ है ? जालीदार टोपी पहन करके धर्म का प्रचार नहीं होता, कट्टरता होनी आवश्यक होती है।

जैसे छत्रपति शिवाजी महाराज ने सभी संप्रदायों को साथ ले करकेे हिंदुस्तान की, भारत की,महाराष्ट्र की नींव रखी वह नींव आप नहीं रख पा रहे हो।
आपके बालासाहेब जब स्वर्ग से देखते होंगे ना आप की लीलाओं को तो बड़े दुखी हो रहे होंगे और लालायित हो रहे होंगे कि कब मैं धरती पर जाकर के तुम जैसे को दो चांटे और दो लप्पड़ मारु, और वह समय आएगा।
तुमने कहा कि साधुओं को राजनीति नहीं करनी चाहिए, जरा शास्त्रों को, हमारी पूर्व परंपराओं को सही ढंग से पढ़ो लेकिन तुम्हारे संस्कार ही नहीं,तुम क्या पढ़ोगे? बस तुम्हें बेफिजूल बकबक करके हाईलाइट होना है, तुम्हें कोई जानता ही नहीं उल्टा तुम लोग कुप्रख्यात हो रहे हो, सुप्रख्यात नहीं हो रहे हो।
साधुओं ने ही इस देश को बचाया है इस भारत भूमि को बचाया है,आचार्य चाणक्य ने बचाया है,सम्राट पृथ्वीराज चौहान के गुरु भी एक सन्यासी थे उन्होंने इस संसार को बचाया है । आदित्यनाथ योगी नाम तो सुना है ना? उनके नाम से भी आपको बहुत खट्टापन महसूस होता है वह तो एक सन्यासी हैं। मंदिर की घंटी बजाते हुए आज उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े तख्ते पर वो विराजमान हो गए। नीति और न्याय का साथ देकर , नीति न्याय का साथ लेकर के योगी आदित्यनाथ योगी उत्तर प्रदेश के CM बने हैं।
शब्दों को सही सलामत ढंग से इस्तेमाल करने की जो क्षमता है उसे अपने ह्रदय में पहले स्थापित तो करो बाद में नेता बनो गुटखा खाकर के कोई नेता नहीं बनता तुम जैसे चरित्रहीन नेताओं के कारण पूरी शिवसेना पूरा नेता समाज बदनाम हो रहा है।
उद्धव ठाकरे जी,मैं आपसे एक अपील करना चाहता हूँ कि इस संजय राउत के खिलाफ आप कुछ ना कुछ एक्शन लें, वरना एक्शन लेने के लिए कुछ-न-कुछ तो मसले सामने आएंगे एक्शन परमात्मा भी लेगा और परमात्मा के दूत भी लेंगे।
जाकिर नायक का तो कुछ नहीं उखाड़ पाए तुम लोग और तुम हमारे  साधुओं की भाषा शैली पर जाते हो अरे वर्तमान की स्थिति यही है कि हमें इस आधार से बोलना पड़ता है जब तुम हमें नहीं छोड़ेंगे तो हम क्यों छोड़ेंगे ?
तुम हमें मत छेड़ो,हम तुम्हे नहीं छेड़ेंगे , तुम हमें छेड़ोगे तो हम तुम्हे छोड़ेंगे नहीं।
आपको बता दें कि अभी सोशल मीडिया पर संजय राउत के खिलाफ खूब आक्रोश है, जनता उनके खिलाफ खूब प्रतिक्रिया दे रही है।
"जिस देश में संत फकीरों का होता आदर सम्मान है,
जहाँ मात-पिता और गुरुओं की सेवा करता इंसान है,
वो देश हमारा भारत है,उस देश की धरती को नमन!!"
जय हिन्द !!

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