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Wednesday, October 11, 2017

ईसाई पादरी नाबालिक छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार, पर मीडिया शांत


अक्टूबर 11, 2017
🚩केरल : ईसाई समुदाय का चर्च जैसे पवित्र धर्मस्थल में दुष्कर्म करने वाले पादरी को मीडिया तथा सेक्युलरिस्ट क्या कहेंगे ?
Pastor arrested on charges of sexual harassment of a minor girl, but calm the media

🚩केरल के एक पादरी को चर्च में 10 वर्षीय स्कूली छात्र के कथित यौन उत्पीडन के मामले में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया । पुलिस ने बताया कि, यह घटना रविवार की है, जब पीड़िता बाइबिल सुनने के लिए चर्च गई थी । आरोपी ईसाई पादरी देवराज (65) को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया । वह कंदनथिट्टा सीएसआई चर्च में पादरी है ।
🚩पुलिस ने बताया कि, पादरी के विरोध में #पोक्सो और आईपीसी की #धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया गया है । लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि, वह जब अपनी बेटी को वापस घर ले जाने चर्च गए तो उन्होंने यह घटना देखी ।
🚩यदि इसी प्रकार का आरोप किसी हिन्दू साधू या संत पर लगता है, तो तुरंत मीडिया के लिए वह Breaking News बन जाती है, सभी सेक्युलरिस्ट तुरंत हिन्दू संत तथा धर्म पर टीका करना प्रारंभ करते हैं । परंतु जब कोर्इ #पादरी इस प्रकार के आरोप में गिरफ्तार हो जाता है, तो ये मीडिया वाले तथा सेक्युलरिस्ट कहां छुप जाते हैं..??
🚩#हिन्दू संतों पर झूठे #आरोप लगाये जाते हैं और आरोप साबित नहीं हुआ है, फिर भी उन्हें ‘रेपिस्ट बाबा’ आदि संबोधन का उपयोग करने वाले मीडिया वाले अब इस पादरी को भी ‘रेपिस्ट पादरी' क्यों नहीं कहते ? क्या ऐसा करने से उनका ‘सेक्युलरिजम’ खतरे में आनेवाला है, ऐसा विचार वे करते हैं ?
🚩आज भी मीडिया में देखों तो बाबा राम रहीम की ही खबरें दिखती हैं लेकिन उनके जेल जाने के बाद तो कई मौलवियों और पादरियों ने बलात्कार किया और पकड़े भी गये और सजा भी हुई लेकिन एक भी खबर नही दिखाई गई ।
🚩मीडिया इतनी #निष्पक्ष #होती तो #मौलवी और #ईसाई फादर के लिए भी #खबरें #दिखाती और डिबेट बैठाकर उनके खिलाफ भी बहस करती लेकिन ऐसा नही कर रही है इससे साफ पता चलता है कि मीडिया को बाकि किसी खबर से लेना देना नही है।
🚩#मीडिया का केवल यही #उद्देश्य है कि कैसे भी करके #भारतीय संस्कृति को #खत्म कर दिया जाये इसलिए #हिन्दुओं के #धर्मगुरुओं को #टारगेट किया जा रहा है जिससे उनके ऊपर जो करोड़ो लोगों की आस्था है वो टूट जाये और पश्चिमी संस्कृति को अपना ले ।
🚩और बड़े मजे की बात है कि उस न्यूज को हिन्दू ही देखते हैं और बाद में उन्हीं का मजाक उड़ाते है कि देखो कैसे भक्तों को मूर्ख बनाकर पैसे लूट रहे हैं और लड़कियों से बलात्कार करते हैं, लेकिन वही भोला भाला हिन्दू दूसरी ओर कभी नही सोचता कि आखिर #हमारे देश की कई बड़ी बड़ी समस्याएं हैं, #मंहगाई, #बेरोजगारी, किसानों की #आत्महत्या, #राम मंदिर, 370, #गौ हत्या आदि आदि पर #मीडिया #नही #दिखाती है और न ही ईसाई पादरी और मौलवियों के खिलाफ दिखाती है । क्यों इतना प्राइम टाइम देकर हिन्दू धर्मगुरुओं पर ही बहस करती है तो आखिर इतने पैसे आते कहाँ से हैं..??
🚩जैसा कि हम बताते ही आये हैं कि #मीडिया का अधिकतर #फंड #वेटिकन सिटी और मुस्लिम देशों से आता है । जिनका #उद्देश्य है कि कैसे भी करके #हिन्दू संस्कृति को #खत्म करें । जिससे वो आसानी से #धर्मान्तरण करा सके ।
🚩दूसरा पहलू ये भी है कि #राजनेता भी #नहीं चाहते हैं कि किसी भी धर्मगुरू के इतने फॉलोवर्स हो जिससे उनको हर चुनाव में उनके सामने नाक रगड़ना पड़े इसलिए वो भी इसमें शामिल है क्योंकि #राजनेता केवल #वोट बैंक को ही देखते हैं उनको #हिन्दू धर्म से कोई लेना देना नही है।
🚩हमने आज तक अपने पाठकों को सच्चाई से अवगत कराने का प्रयास किया है और आगे भी करवाते रहेंगे ।
🚩आज हर #हिन्दुस्तानी का #कर्त्तव्य है कि वो #मीडिया की बातों में #न आकर स्वयं #सच्चाई तक #पहुँचने का #प्रयास करे । हिन्दू साधु-संतों को बदनाम करने का मतलब भारतीय संस्कृति को बदनाम करने का षडयंत्र है ।
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Saturday, April 1, 2017

छह साल के बाद स्वामी असीमानंद जी जेल से रिहा, पर मीडिया ने साधी चुप्पी क्यों ???

छह साल के बाद स्वामी असीमानंद जी जेल से रिहा, पर मीडिया ने साधी चुप्पी क्यों ???

स्वामी जी का जेल में बीता समय वापिस कौन लौटा पायेगा ???
swami aseemanand aquited in hydrabad bomb blast case

हैदराबाद की #मक्का_मस्जिद बम विस्फोट में बनाये गये आरोपी स्वामी #असीमानंद जी छह साल से भी ज्यादा समय बाद जमानत पर जेल पर रिहा किए गए। 23 मार्च को मिली जमानत के बाद हैदराबाद की #चंचलगुडा जेल से असीमानंद 31 मार्च को बाहर निकले।

#मेट्रोपॉलिटन सेशन कोर्ट ने स्वामी #असीमानंद को जमानत दी ।

18 मई 2007 को मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट में 9 लोग मारे गए थे।

इस घटना में शामिल होने के आरोपों के तहत नवंबर 2010 में स्वामी असीमानंदजी की #गिरफ्तारी हुई थी।

असीमानंद जी अजमेर #बम-ब्लास्ट के मामले में भी फंसे थे लेकिन उनको जयपुर कोर्ट ने उस केस में बरी कर दिया था। इसके बाद मक्का मस्जिद केस में उनको गिरफ्तार कर लिया गया ।

समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट में उनका नाम था लेकिन वहाँ से भी उनको एनआईए ने क्लीनचिट दे दी थी।

आपको बात दें कि गृहमंत्रालय के #गोपनीय #दस्तावेज से भी बड़ा खुलासा हुआ था कि कांग्रेस सरकार के द्वारा #पाकिस्तानी #आतंकवादियों की जगह #हिन्दू #संगठनों के कार्यकर्ता और हिन्दू साधु-संतो को जेल में #षड़यंत्र के तहत डाला गया । 

सोनिया गांधी ने #हिन्दू #संस्कृति नष्ट करने हेतु हिन्दुओं की बदनामी करवाने के लिए उसे "#भगवा_आतंकवाद" नाम दिया था ।

भगवा आतंकवाद का #लक्ष्य पूरा करने के लिए हिन्दू संतो को जेल में डाल दिया गया ।

देखिये वीडियो
 
जॉइंट इंटेलीजेंस कमेटी के पूर्व प्रमुख और पूर्व उपराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डॉ. एस डी प्रधान ने भी  #मालेगांव और #समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। 

प्रधान ने बताया कि ब्लास्ट होने वाला है वो हमें पहले ही पता चल गया था और हमने #गृह मंत्रालय में भी बता दिया था लेकिन #पी. चिंदबर ने राजनैतिक फायदे के लिए #साध्वी प्रज्ञा, #स्वामी असीमानंद आदि हिन्दू #साधु-संतों को फंसाने के लिए भगवा आतंकवाद नाम देकर उनको जेल भेज दिया था।

स्वामी असीमानंद को अब जमानत तो मिल गई है लेकिन उनको 6 साल से अधिक समय तक जेल में रखा गया, वो उनका कीमती समय क्या कानून लौटा पायेगा ???

मीडिया ने भी उस समय खूब बदनामी की लेकिन जैसे ही उनको कई जगह से निर्दोष बरी किया गया तब मीडिया ने चुप्पी साध ली । जब भी कोई हिन्दू साधु-संत पर आरोप लगता है तो मीडिया उनकी समाज में इतनी बदनामी करती है कि जैसे वो आरोपी नहीं अपराधी हो । पर जब वही संत निर्दोष छूट कर आते हैं तो मीडिया को मानो सांप सूंघ जाता है। 

विचार कीजिये, क्या सिर्फ हिन्दू संतों को बदनाम करने का मीडिया का एजेंडा है..???


कछुवा छाप चलने वाली हमारी न्याय प्रणाली भी मीडिया के प्रभाव में आकर हिन्दू संतों को न्याय नही दे पाती है ।

और न्याय मिल भी जाता है तो इतना देरी से मिलता है कि न्याय नही मिलने के ही बराबर हो जाता है । क्या देरी से न्याय मिलना अन्याय नहीं है ???

गौरतलब है कि अब साध्वी प्रज्ञा, #कर्नल पुरोहित, #बापू #आसारामजी, #श्री #नारायण साईं, #धनंजय देसाई आदि को फंसाने के पीछे कई सबूत मिल चुके हैं। लेकिन उनको भी अभीतक जमानत मिल नही पाई है ।

क्या उनको इसलिये जेल में रखा गया है कि वो कट्टर हिंदुत्ववादी हैं..???

 उन्होंने लाखों हिंदुओं की #घरवापसी करवाई है ।

विदेशी प्रोडक्ट पर रोक लगाई है ।

 विदेशी ताकतों ने मीडिया से सांठ-गांठ कर हिन्दू संतों को बदनाम करवाया । जिसका असर न्यायपालिका के फैसलों पर भी पड़ा ।

अतः विदेशी फंड से चलने वाली मीडिया से भारतीय सावधान रहें ।

अब देखना ये है कि #हिन्दुत्वादी कहलाने वाली #सरकार #कब इन #हिन्दू #संतों को भी #न्याय दिलवाती है..???


कांग्रेस सरकार ने तो षडयंत्र करके हिन्दू सन्तों को जेल भेज दिया था पर अब हिंदुत्ववादी कहलाने वाली #BJP सरकार कैसे हिंदुओं के माप-दण्ड पर खरी उतरती है , ये देखना है ।

कब निर्दोष संतों की जल्द से जल्द सह-सम्मान रिहाई करवाती है उसी पर सभी हिंदुओं की निगाहें टिकी है ।